इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है। अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (AICTSL) जल्द ही शहर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें शुरू करने जा रही है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित होगी, जिससे शहरवासियों को कम खर्च में सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त परिवहन का विकल्प मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रिक पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम (E-PBS) के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित कंपनी पूरे सिस्टम का संचालन करेगी। इसके बाद ई-साइकिलों का किराया भी तय किया जाएगा। योजना का उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक, प्रदूषण और ईंधन पर निर्भरता को कम करना है।
शहर के प्रमुख इलाकों में उपलब्ध होंगी ई-साइकिलें
योजना के तहत इंदौर के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों, बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशनों, प्रमुख बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों के आसपास इलेक्ट्रिक साइकिल स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे लोग आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक कम समय में पहुंच सकेंगे।
AICTSL का मानना है कि यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, जिन्हें रोजाना छोटी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे निजी वाहन और ऑटो रिक्शा पर निर्भरता भी कम होगी।
मोबाइल ऐप से होगी बुकिंग और भुगतान
पूरी व्यवस्था डिजिटल और ऑटोमेटिक होगी। उपयोगकर्ता मोबाइल ऐप के माध्यम से नजदीकी ई-साइकिल की लोकेशन देख सकेंगे, उसे बुक कर सकेंगे और ऑनलाइन भुगतान भी कर पाएंगे। यात्रा पूरी होने के बाद साइकिल को निर्धारित स्टेशन पर जमा किया जा सकेगा।इस तकनीक से न केवल लोगों का समय बचेगा बल्कि बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के आसानी से परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
प्रति घंटे के हिसाब से तय होगा किराया
AICTSL के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के अनुसार फिलहाल शहर में एक हजार से अधिक सामान्य साइकिलें संचालित की जा रही हैं। इनका उपयोग अलग-अलग समय अवधि के लिए किया जा सकता है और 30 मिनट का किराया 20 रुपये निर्धारित है।
नई इलेक्ट्रिक साइकिल योजना में प्रति घंटे, दैनिक और साप्ताहिक उपयोग के हिसाब से किराया तय किया जाएगा। अंतिम शुल्क का निर्धारण टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और चयनित कंपनी के साथ चर्चा के बाद किया जाएगा।
शहर में इलेक्ट्रिक साइकिलों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही पेट्रोल और डीजल की खपत भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना इंदौर को स्मार्ट और ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
जहां-जहां इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी, वहां ई-साइकिल की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि यात्री आसानी से अंतिम गंतव्य तक पहुंच सकें। इससे सार्वजनिक परिवहन और 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' दोनों मजबूत होंगे।
पहले भी चली थी साइकिल योजना
AICTSL इससे पहले भी "माय बाइक" योजना संचालित कर चुकी है। शुरुआत में इस योजना को शहरवासियों का अच्छा समर्थन मिला था, लेकिन समय के साथ इसका उपयोग कम हो गया। हालांकि यह सेवा अभी भी जारी है और कई स्थानों पर साइकिल स्टैंड उपलब्ध हैं।अब प्रशासन को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक साइकिलों के आने से लोगों की रुचि फिर बढ़ेगी, क्योंकि कम मेहनत में लंबी दूरी तय करना संभव होगा।