मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सवाल किया कि आखिर मध्यप्रदेश में क्या चल रहा है।
उन्होंने अपने पोस्ट में सागर में जहरीली शराब पीने से 35 से अधिक लोगों की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार कथित तौर पर जारी है।
1,766 जगहों पर अवैध कारोबार का दावा
कमलनाथ ने दावा किया कि विभाग की अपनी रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में 1,766 स्थानों पर अवैध कारोबार होने की बात स्वीकार की गई है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर अब भी अवैध शराब की बिक्री होने की जानकारी सामने आई। इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या इसका मतलब यह है कि भाजपा सरकार ने अवैध शराब के सामने पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं।कमलनाथ ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत के बावजूद सरकार शराब माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल नजर आ रही है। उन्होंने सरकार से अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने को लेकर सवाल किया।
आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल
कमलनाथ ने अपने बयान में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि या तो आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार को लेकर मूक दर्शक बना हुआ है या फिर विभाग पर ही इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं।
जहरीली शराब के मुद्दे पर सियासत तेज
सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद मध्यप्रदेश में अवैध शराब का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। विपक्ष लगातार सरकार से अवैध शराब के नेटवर्क और शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जवाब मांग रहा है।