मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक जल्द हटाई जा सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग नई तबादला नीति तैयार कर रहा है, जिसे आगामी कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। संभावना है कि इस बार लगभग एक महीने के लिए तबादला प्रतिबंध हटाया जाएगा।
प्रभारी मंत्रियों को मिलेगा बड़ा अधिकार
नई तबादला नीति में जिला स्तर पर प्रभारी मंत्रियों की भूमिका को और मजबूत किया जा रहा है। अब किसी भी जिले की तबादला सूची प्रभारी मंत्री की सहमति के बिना जारी नहीं की जा सकेगी। वहीं विभागीय स्तर के तबादले संबंधित विभागीय मंत्रियों के माध्यम से किए जाएंगे।
सरकार इस बार तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी में है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रस्ताव के अनुसार प्रत्येक संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत तक कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री की मंजूरी से होंगे वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर
नई व्यवस्था के तहत प्रथम श्रेणी अधिकारियों के तबादले केवल मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही किए जाएंगे। इसके साथ ही गंभीर बीमारी, प्रशासनिक आवश्यकता, स्वेच्छा और विशेष परिस्थितियों को तबादलों का प्रमुख आधार माना जाएगा।
विधायकों की अनुशंसाओं को भी मिलेगा महत्व
सूत्रों के अनुसार इस बार विधायकों की अनुशंसाओं को भी तबादला प्रक्रिया में महत्व दिया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय नई नीति के प्रावधानों के अनुसार ही लिया जाएगा।
कैबिनेट में जल्द आ सकता है प्रस्ताव
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में तबादला रोक हटाने का प्रस्ताव शामिल नहीं हो सका, लेकिन आने वाले दिनों में इस नीति को अंतिम रूप देकर मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है।