बड़ा मंगल का पर्व हनुमान भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। ज्येष्ठ माह में आने वाले मंगलवारों को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। 12 मई को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।
दूसरे बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त
- इस पावन दिन पूजा और आराधना के लिए कई शुभ समय बताए गए हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:08 बजे से 4:50 बजे तक
- विशेष पूजा मुहूर्त: सुबह 9:07 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
- सायंकालीन पूजा मुहूर्त: शाम 7:03 बजे से रात 8:06 बजे तक
मान्यता है कि इन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
ऐसे करें हनुमान जी की पूजा
बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और घर के मंदिर की सफाई करें। लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
इसके बाद फूल, अक्षत, सिंदूर और नैवेद्य अर्पित करें। बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। तुलसी दल और पान का बीड़ा चढ़ाकर घी का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व
ज्येष्ठ माह के मंगलवारों को हनुमान भक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से मानसिक तनाव, आर्थिक संकट और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
मंदिरों में विशेष आयोजन
इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कई श्रद्धालु हनुमान जी को चोला चढ़ाते हैं, लाल ध्वजा अर्पित करते हैं और प्रसाद वितरण करते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से बजरंगबली भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।