मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की प्रक्रिया अब रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है। राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक बुधवार को दिल्ली स्थित एमपी भवन में आयोजित होगी। बैठक में प्रदेश में यूसीसी लागू करने के लिए कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर मंथन किया जाएगा।
रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई करेंगी अध्यक्षता
बैठक की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना प्रसाद देसाई करेंगी। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह, कानूनी विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा, समाजसेवी बुधपाल सिंह और सचिव अजय कटेसरिया शामिल हैं।
उत्तराखंड और गुजरात मॉडल का होगा अध्ययन
बैठक में उत्तराखंड और गुजरात में लागू यूसीसी मॉडल का अध्ययन किया जाएगा। समिति इन राज्यों के कानूनी ढांचे और लागू प्रक्रिया को समझकर मध्यप्रदेश के लिए संभावित प्रारूप तैयार करेगी।
60 दिनों में तैयार होगी रिपोर्ट
राज्य सरकार ने समिति को ड्राफ्ट बिल और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 60 दिनों का समय दिया है। समिति की सिफारिशों के आधार पर मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
क्या है UCC?
यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति जैसे निजी मामलों में एक समान कानून लागू करना है। फिलहाल अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं।