मध्यप्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत हितग्राहियों की ई-केवायसी प्रक्रिया अब परेशानी का कारण बनती जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेंशन जारी रखने के लिए ई-केवायसी अनिवार्य है। जिन हितग्राहियों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, उनकी पेंशन होल्ड कर दी गई है। इससे हजारों बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग हितग्राही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
भोपाल में 10 हजार हितग्राही प्रभावित
राजधानी भोपाल में ही करीब 10 हजार पेंशन हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन ई-केवायसी के अभाव में अटक गई है। लगातार बढ़ रही पेंडेंसी पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नाराजगी जताई है और संबंधित विभागों को समय सीमा में सभी मामलों का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
फिंगरप्रिंट नहीं आने पर आइरिस ऑथेंटिकेशन
प्रशासन द्वारा ई-केवायसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए वैकल्पिक उपाय भी किए जा रहे हैं। जिन लोगों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे, उनका आइरिस ऑथेंटिकेशन कराया जा रहा है। वहीं चलने-फिरने में असमर्थ हितग्राहियों के लिए भौतिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है।
संयुक्त टीम कर रही सत्यापन अभियान
स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग और ब्लॉक ई-गवर्नेंस की संयुक्त टीमें प्रदेशभर में ई-केवायसी अभियान चला रही हैं। रोजगार के लिए पलायन कर चुके हितग्राहियों की जानकारी पंचायत सचिव और वार्ड प्रभारियों के जरिए जुटाई जा रही है।
बाहर के पते वाले आधार कार्ड पर पेंशन होल्ड
जिन हितग्राहियों के आधार कार्ड पर प्रदेश के बाहर का पता दर्ज है, उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है। जिन लोगों के आधार कार्ड नहीं बने थे, उनके आधार बनवाकर ई-केवायसी कराने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही डुप्लीकेट समग्र आईडी वाले मामलों में एक आईडी हटाई जा रही है।
संपर्क नहीं होने पर पलायनकर्ता घोषित करने का प्रावधान
प्रशासन बैंक ट्रांजेक्शन, पोस्ट ऑफिस रिकॉर्ड और मोबाइल नंबर के जरिए हितग्राहियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। संपर्क नहीं होने पर ऐसे लोगों को पलायनकर्ता घोषित कर पेंशन होल्ड की जा सकती है। सरकार का कहना है कि ई-केवायसी पूरी होते ही रुकी हुई पेंशन एरियर सहित जारी कर दी जाएगी।
15 दिन में निराकरण के निर्देश
भोपाल जिले में 12 प्रकार की पेंशन योजनाओं के करीब 32 हजार हितग्राही हैं। सामाजिक न्याय विभाग ने जनवरी 2025 में ही ई-केवायसी अनिवार्य करने के निर्देश दिए थे, लेकिन मई 2026 तक भी कई मामलों में प्रक्रिया अधूरी है। 600 से 800 रुपए तक की सहायता राशि नहीं मिलने से परेशान पेंशनर्स सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने अगले 15 दिनों में सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कर पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।