भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उनकी सरकार भगवान श्रीराम के आदर्शों और राम राज्य की भावना को लेकर काम कर रही है। उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास, धार्मिक पर्यटन और किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए। इस दौरान उन्होंने अयोध्या राम मंदिर से लेकर चित्रकूट धाम, सिंहस्थ-2028 और दूध उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं पर भी विस्तार से बात की।
राम मंदिर के 500 साल के संघर्ष का हुआ समापन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनना देश के करोड़ों लोगों की आस्था की जीत है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक मंदिर निर्माण में बाधाएं डाली गईं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरयू तट पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ और 500 वर्षों का संघर्ष समाप्त हुआ।
2 हजार करोड़ रुपये से विकसित होगा चित्रकूट धाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 11 वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। इसी कारण राज्य सरकार लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से चित्रकूट धाम का भव्य विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर भगवान श्रीराम के चरण पड़े थे, उन्हें श्रीराम वन गमन पथ के तहत विकसित किया जा रहा है। वहीं भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को श्रीकृष्ण पाथेय योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है।
सिंहस्थ-2028 के लिए हजारों करोड़ के विकास कार्य
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन और इंदौर के साथ-साथ आसपास के जिलों के विकास को भी गति दी जा रही है।
इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में शामिल होंगे नागदा, धार और रतलाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के विस्तार के तहत अब नागदा, धार और रतलाम को भी जोड़ा गया है। इससे इन क्षेत्रों में निवेश और विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
बालाजी धाम में होंगी सभी मूलभूत सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री वॉल और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
दूध उत्पादन 12% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गोपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्राकृतिक खेती और गोपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये प्रति माह की सहायता देने की भी घोषणा की गई। सरकार ने प्रदेश में दूध उत्पादन को मौजूदा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
बोले- राम राज्य में किसी चीज की कमी नहीं थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम त्याग, मर्यादा और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। राम राज्य में नागरिकों को किसी प्रकार की कमी नहीं थी और उसी भावना के साथ सरकार गरीबों, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।