प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की रक्षा क्षमताओं में पिछले एक दशक के दौरान हुए व्यापक बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, आधुनिक प्रौद्योगिकी और स्वदेशी विनिर्माण के बल पर देश ने रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज रक्षा उत्पादन और तकनीकी विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति आत्मनिर्भर भारत की सोच और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि देश ने रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण और अत्याधुनिक तकनीकों के विकास में लगातार नए मानक स्थापित किए हैं।
तीनों सेनाओं की क्षमताओं में हुआ विस्तार
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने थल सेना, वायु सेना और नौसेना की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आधुनिक हथियारों, स्वदेशी रक्षा प्रणालियों और उन्नत तकनीकों के समावेश से देश की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सशक्त हुई है।
उन्होंने कहा कि वायु, भूमि और समुद्र तीनों क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक क्षमता बढ़ी है, जिससे देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पहले से अधिक सक्षम हुआ है।
स्वदेशी तकनीक पर बढ़ा जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों और घरेलू विनिर्माण को प्राथमिकता दी है। इसका परिणाम यह है कि भारत अब कई रक्षा उपकरणों और प्रणालियों के निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत हुई है बल्कि देश के रक्षा उद्योग को भी नई गति मिली है।
एक्स पर साझा किए विचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, "आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित, भारत की रक्षा क्षमताओं में पिछले दशक में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला है।"
उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन देश की बढ़ती सामरिक शक्ति और आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हासिल उपलब्धियां भारत की प्रगति और सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम कर रही हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल सैन्य क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत को वैश्विक रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी मजबूत पहचान दिलाने का माध्यम बन रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत रक्षा क्षेत्र में और अधिक उपलब्धियां हासिल करेगा।