भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। ग्वालियर में बारिश के दौरान सड़क धंसने से बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सड़क के बीच बने गहरे गड्ढे में एक कार और एक ई-रिक्शा फंस गए। घटना में कुछ महिलाओं को मामूली चोटें आईं, जबकि स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
उधर, मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के कारण कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कई घरों में बारिश का पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी की व्यवस्था शुरू कर दी है।
कई जिलों में बारिश से मौसम हुआ सुहाना
प्रदेश के शाजापुर, नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर, धार, मंडला, पन्ना, श्योपुर, बालाघाट, टीकमगढ़, छतरपुर और अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को 15 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक वर्षा सीधी जिले में लगभग 3 इंच दर्ज की गई। इसके अलावा ग्वालियर में करीब 2.3 इंच, दतिया में 2 इंच, रीवा में 1.8 इंच, सतना में 1.2 इंच तथा शिवपुरी में लगभग 1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
अब भी सामान्य से कम है मानसून
हालांकि कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन पूरे मानसून सीजन की बात करें तो प्रदेश अभी भी सामान्य वर्षा से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसत से लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसका मतलब है कि इस सीजन में सामान्य के मुकाबले करीब साढ़े तीन इंच कम वर्षा दर्ज की गई है।
प्रदेश के 55 जिलों में से 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह के दौरान कहीं भी अत्यधिक या अति भारी वर्षा दर्ज नहीं की गई, जिससे कई क्षेत्रों में खेती और जलस्तर को लेकर चिंता बनी हुई है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। इसके अलावा एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हुआ है, जिसका असर अगले कुछ दिनों तक देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगमों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने, संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता इसी तरह बनी रहती है तो प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। वहीं किसान भी अच्छी वर्षा की उम्मीद लगाए हुए हैं, क्योंकि खरीफ फसलों के लिए आने वाले कुछ सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।