पन्ना जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत दिया एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। इस बार एक निराश्रित महिला ने पंचायत के सरपंच रामशिरोमणि लोधी और कुछ ग्रामीणों पर उसकी पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जा कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिला कलेक्टर और बृजपुर थाना पुलिस से शिकायत कर जमीन वापस दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में पहले भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें होती रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मनमानी बढ़ती जा रही है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एनसीआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पट्टे की जमीन पर कब्जे का आरोप, प्रशासन से न्याय की गुहार
पीड़ित महिला का कहना है कि उसकी पट्टे की भूमि पर सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जा कराया गया है। महिला ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर अपनी जमीन वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उसने बृजपुर थाना पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि लंबे समय से न्याय की उम्मीद में वह अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसे राहत नहीं मिल सकी है। उसका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो उसे अपूरणीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
ग्राम पंचायत दिया के कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच पर पहले भी पंचायत कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। उनका कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रभाव और संरक्षण के कारण मामलों को दबा दिया जाता है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उधर, बृजपुर थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर एनसीआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित पक्षों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है। वहीं, सरपंच पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।