हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को हिंसा के बाद सरकार की तरफ से अवैध निर्माण पर लगातार बुलडोजर चल रहा है, लेकिन अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। दरअसल, सरकार की तरफ से नूंह में लगातार हिंसा में शामिल आरोपियों के निर्माण और दुकानों को गिराया जा रहा था। अब हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालना करते हुए तोड़फोड़ अभियान को रोक दिया गया है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को अवैध निर्माण पर कार्रवाई रोकने के आदेश दिए हैं।
नूंह में पिछले चार दिन से तोड़फोड़ की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान 753 से ज्यादा घर-दुकान, शोरूम, झुग्गियां और होटल गिराए जा चुके हैं। प्रशासन ने इन्हें अवैध बताते हुए कहा कि इनमें रहने वाले 31 जुलाई की हिंसा में शामिल थे। नूंह में अब तक प्रशासन ने 37 जगहों पर कार्रवाई कर 57.5 एकड़ जमीन खाली कराई। इनमें 162 स्थायी और 591 अस्थायी निर्माण गिराए गए।नूंह शहर के अलावा पुन्हाना, नगीना, फिरोजपुर झिरका और पिंगनवा जैसे इलाकों में भी अतिक्रमण हटाए गए। कल प्रशासन ने हिंसा के दिन जिस 3 मंजिला सहारा होटल से पत्थरबाजी की गई, उसे भी गिरा दिया था। प्रशासन का कहना है कि होटल मालिक को सब पता था, लेकिन उसने दंगाईयों को पत्थर इकट्ठा करने से नहीं रोका।
हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को हिंसा के बाद सरकार की तरफ से अवैध निर्माण पर लगातार बुलडोजर चल रहा है, लेकिन अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। दरअसल, सरकार की तरफ से नूंह में लगातार हिंसा में शामिल आरोपियों के निर्माण और दुकानों को गिराया जा रहा था। अब हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालना करते हुए तोड़फोड़ अभियान को रोक दिया गया है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को अवैध निर्माण पर कार्रवाई रोकने के आदेश दिए हैं।
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