दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा में राष्ट्रीय राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन में कानून-व्यवस्था पर हुई चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि, इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की है, लेकिन उन्होंने दिल्ली को ‘शूटआउट’ की राजधानी बना दिया है।
हर गली में गैंगस्टरों का खुला आतंक है
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा में केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, पहले हम शूटआउट एट लोखंडवाला के बारे में सुनते थे, लेकिन अब हर रोज दिल्ली में शूटआउट एट कबीर नगर, शूटआउट एट पश्चिम विहार, शूटआउट एट नारायणा सुनते हैं। पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि, दिल्ली में हर जगह-हर गली में गैंगस्टरों का खुला आतंक है।
10 साल में बीजेपी ने कुछ नहीं किया
मनीष सिसोदिया ने आगे विधानसभा में कहा है कि, हमारे भी बच्चे हैं, इसलिए हम समझ सकते हैं कि, जब स्कूलों और फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकियां मिलती हैं, तो दिल्ली के पैरेंट्स किस डर व चिंता से गुजरते हैं। फिर भी भारतीय जनता पार्टी कुछ क्यों नहीं कर रही है? आप नेता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, 10 साल में इन्होंने क्या लॉ एंड ऑर्डर ठीक किया है? कुछ तो शर्म करो कि आप देश की राजधानी को चला रहे हो ?
दिल्ली की हर गली में अपराध हो रहा है
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा में राष्ट्रीय राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त जताते हुए कहा है कि, दिल्ली में बढ़ते हुए अपराध का मुद्दा केवल एक राजनीतिक बहस का मुद्दा नहीं, बल्कि दिल्ली के आम आदमी की जिंदगी से जुड़ा हुआ मुद्दा है। आप के सीनियर नेता ने आगे कहा है कि, दिल्ली की हर गली में अपराध हो रहा है और ये लोग इसमें व्यस्त हैं कि केजरीवाल को चुनाव नहीं जीतने देना है। उन पर झूठे आरोप लगाते रहना है।
10 फीसदी परिवार करते हैं क्राइम का सामना
मनीष सिसोदिया ने कहा कि, केंद्र सरकार की संस्था एनसीआरबी का डेटा कह रहा है कि, दिल्ली में हर 20 हजार परिवार में 1,832 परिवार अपराध के शिकार हो रहे हैं। यानी लगभग दिल्ली के 10 प्रतिशत परिवार अपराध का सामना कर रहे हैं। आप नेता ने कहा कि, ये लोग ( बीजेपी ) यहां ढोल पीट रहे हैं कि जी-20 के दौरान कोई अपराध नहीं हुआ। लेकिन ये लोग इतने ही अच्छे हैं तो हर दिन को जी-20 का दिन क्यों नहीं बना दे रहे हैं। दिल्ली के लोग जी20 से ज्यादा जरूरी हैं।
Comments (0)