कर्नाटक में मंत्रीमंडस के बाद अब मुख्यमंत्री सिद्दरमैया का एक बड़ा बयान सामने आया हैं। सीएम सिद्दरमैया ने कहा कि, नफरत की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और डर का माहौल खत्म किया जाएगा। आगे बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि, कर्नाटक के सद्भाव और धर्मनिरपेक्ष विरासत की रक्षा करने के मुद्दे पर समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता है। सीएम सिद्दरमैया ने कहा कि, कानून हाथ में लेने और सांप्रदायिक दंगे करने वाले लोगों को कानून के मुताबिक सजा दी जाएगी।
दर्ज ‘झूठे मामले’ वापस लिए जाएंगे
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने इस दौरान यह भी कहा कि, पुलिस की नैतिक ताकत को कमजोर करने वाली ‘नैतिक पुलिसिंग’ को अनुमति नहीं दी जाएगी और नयी शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा क्षेत्र के साथ छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी वादा किया कि, कन्नड़ कार्यकर्ताओं, किसान-मजदूर-दलित आंदोलनकारियों, साहित्यिक हस्तियों और लेखकों के खिलाफ दर्ज ‘झूठे मामले’ वापस लिए जाएंगे।
सिद्दरमैया का आश्वासन
सिद्दरमैया ने इस बैठक में यह भी आश्वासन दिया कि, कन्नड कार्यकर्ताओं, किसान-मजदूर-दलित आंदोलनों, साहित्यकारों और लेखकों के खिलाफ दर्ज झूठे मामले वापस लिए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि नैतिक पुलिसिंग, निंदनीय ट्रोल और लेखकों को धमकी देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बकसा नहीं जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक को पहले ही सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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