आतिशी ने शनिवार को दिल्ली की 17वीं मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राजनिवास में उन्हें एलजी विनय सक्सेना ने शपथ दिलाई।
आतिशी से पहले सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित दिल्ली की महिला सीएम रह चुकी हैं। आतिशी के साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन, मुकेश अहलावत ने मंत्री पद की शपथ ली है। आतिशी की कैबिनेट में मुकेश अहलावत नया चेहरा है।
आतिशी
आतिशी दिल्ली के कालकाजी से विधायक हैं. अरविंद केजरीवाल सरकार में वह शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, बिजली, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास मंत्री सहित कई अन्य विभागों के मंत्री थीं. वह आम आदमी पार्टी की राजनीतिक मामलों की कमेटी की भी सदस्य हैं. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से 2003 में इतिहास में उन्होंने मास्टर डिग्री हासिल की थी. आम आदमी पार्टी की स्थापना के समय से ही सदस्य हैं.
सौरभ भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज दिल्ली के ग्रेटर कैलाश विधानसभा सीट से विधायक है. अरविंद केजरीवाल सरकार में वह स्वास्थ्य, शहरी विकास, पर्यटन-कला संस्कृति भाषा, उद्योग, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री थे. इससे पहले वह दिल्ली जल बोर्ड के भी अध्यक्ष रह चुके हैं.
कैलाश गहलोत
कैलाश गहलोत दिल्ली देहात के नजफगढ़ विधानसभा सीट से विधायक है. दिल्ली देहात के अहम नेता माने जाते हैं. अरविंद केजरीवाल सरकार में वह परिवहन, राजस्व, प्रशासनिक सुधार, सूचना और प्रौद्योगिकी, कानून, न्याय और विधायी मामलों की जिम्मेदारी संभाल चुके है.
गोपाल राय
गोपाल राय आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रभारी हैं. वह दिल्ली सरकार में शामिल सबसे ज्यादा अनुभवी नेता हैं. अरविंद केजरीवाल सरकार में वह पर्यावरण व अन्य मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के भी सदस्य हैं. अन्ना आंदोलन के समय से ही अरविंद केजरीवाल से जुड़े रहे हैं.
इमरान हुसैन
इमरान हुसैन बल्लीमारान विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं. मुस्लिम बहुल इलाकों में उनकी पकड़ अच्छी है. वह दो बार के विधायक हैं. अरविंद केजरीवाल के मंत्रिमंडल में खाद्य और नागरिक आपूर्ति और चुनाव मंत्री थे.
मुकेश अहलावत
दलित नेता मुकेश अहलावत दिल्ली के सुल्तानपुर माजरा से विधायक हैं. मुकेश पहली बार के विधायक हैं. उन्हें 2020 में आप ने सुल्तानपुर से टिकट दिया था. उनसे पहले संदीप कुमार भी आप के टिकट से सुल्तानपुर माजरा से 2015 में विधायक निर्वाचित हुए थे. उसके पहले यह सीट कांग्रेस की गढ़ रही है. 1993 से लेकर 2013 तक का चुनाव कांग्रेस ने यहां से जीतती आई है. मुकेश अहलावत एक मात्र नया चेहरा हैं, जिन्हें आतिशी कैबिनेट में जगह मिली है.
Comments (0)