Jaipur: राजस्थान विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और कांग्रेस सत्ता पर कमान बरकरार रखने की पूरी कोशिश में है। हाल ही में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में नई प्रदेश कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों की पहली बैठक हुई। इस मीटिंग में गोविंद डोटासरा ने नेताओं-कार्यकर्ताओं को अनुशासन और सक्रियता के साथ काम करने की हिदायत दी। इतना ही नहीं, प्रदेश अध्यक्ष ने वहां मौजूद लोगों को खरी-खरी भी सुनाई।
कांग्रेस नेताओं को सुनाई खरी-खोटी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह जानते हैं कि लगभग 20 लोग (Rajasthan Elections) तो किसी न किसी की सिफारिश से यहां पर आए हैं। हालांकि, इस गलतफहमी में न रहें कि सिफारिश वाले नेता के इर्द-गिर्द घूमने से काम चल जाएगा। आपको इसके लिए पद नहीं दिया गया है। डोटासरा ने कहा कि पार्टी में अनुशासन से काम करना होगा और प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर फील्ड में उतरना होगा।
"यह बीजेपी और RSS के साथ दोस्ती निभाने का समय नहीं"
पीसीसी चीफ गोविंग सिंह डोटासरा ने यह तक कह दिया कि प्रदेश कांग्रेस के कुछ लोग बीजेपी और आरएसएस से दोस्ती निभाने में लगे हुए हैं। यह बात जान लें कि यह समय दोस्ती निभाने का नहीं है। बीजेपी नेता के कहने पर अफसर तक बदल जाते हैं, कांग्रेस विधायक या कार्यकर्ता के कहने पर ऐसा नहीं होता।
वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जुड़े गहलोत
नई प्रदेश कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों की पहली बैठक के आखिर में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। उन्होंने कहा कि राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ कि एंटी इनकंबेंसी नहीं है। प्रदेश के लिए आपने जो-जो आप लोगों ने मांगा, मैंने सब दिया। लेकिन, इस बात पर ध्यान दें कि चुनाव जीतने के लिए बहुत कुछ अलग करना पड़ता है। सरकार 'आ सकती है' और 'आएगी' में फर्क होता।
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रंधावा की दो टूक
प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नेताओं कार्यकर्ताओं (Rajasthan Elections) से कहा कि जो लोग काम करेंगे, उन्हें अगली मीटिंग में भी बुलाया जाएगा। काम न करने वालों को डायरेक्ट नमस्कार कर दिया जाएगा। वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, 'आपने काम किया, धन्यवाद। अब यह जिम्मा किसी और को दिया जाता है' यह व्हॉट्सएप मैसेज हमें नहीं देखना पड़े, इसपर काम किया जाए।
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