कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के परिणामों को भारतीय राजनीति में एक “विशाल बदलाव” बताया है। इसके अलावा उन्होंने दावा किया है कि, मोदी सरकार बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद अस्तित्व बनाए रखने के लिए संघर्ष करेगी। राहुल गांधी ने अपने बयान में आगे कहा कि, भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में जगह खाली हो गई है। भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया है। संख्या इतनी कम है कि, वे बहुत नाजुक हैं और छोटी सी गड़बड़ी सरकार को गिरा सकती है।
पीएम मोदी के खेमे में "बहुत असंतोष" है
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि, पीएम मोदी के खेमे में "बहुत असंतोष" है और संभावित दलबदल का संकेत दिया। राहुल ने कहा कि, "कुछ लोग हैं जो हमारे संपर्क में हैं।" हालाँकि, उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी। कांग्रेस सांसद ने कहा कि, मूल रूप से, एक सहयोगी को दूसरी तरफ मुड़ना पड़ता है। राहुल ने 2024 के चुनाव नतीजों को भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ जनादेश बताया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि, यह विचार कि, आप (भाजपा) नफरत फैला सकते हैं, आप गुस्सा फैला सकते हैं और आप इसका लाभ उठा सकते हैं ।भारतीय लोगों ने इस चुनाव में इसे खारिज कर दिया है।
भाजपा का मूल ढांचा - धार्मिक घृणा पैदा करने का विचार
इंडी गठबंधन ने इस डर से दलितों के बीच वोट हासिल किए कि, भाजपा संविधान में संशोधन करने और उन्हें लाभों से वंचित करने के लिए बड़े बहुमत का इस्तेमाल करेगी और आरक्षण खत्म कर देगी। जबकि, बीते 10 वर्षों में पूर्ण बहुमत रहने के बावजूद मोदी सरकार ने आरक्षण को हाथ भी नहीं लगाया था, उल्टा अन्य गरीब तबकों (सभी धर्म शामिल) के लिए 10 फीसद के अतिरिक्त कोटे की व्यवस्था की थी। राहुल गांधी ने दावा किया कि इससे पता चलता है कि 2014 और 2019 में पीएम मोदी और भाजपा के लिए जो कारगर रहा, वह अब काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, "पिछले 10 साल अयोध्या के बारे में बात करने वाली पार्टी का अयोध्या में सफाया हो गया है।" उन्होंने कहा, "वास्तव में जो हुआ है वह यह है कि भाजपा का मूल ढांचा - धार्मिक घृणा पैदा करने का विचार - ध्वस्त हो गया है।
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