सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीमारी से पीडि़त किसी वादी की कोर्ट में हाजिरी जरूरी है तो उसे वर्चुअल रूप से हाजिर होने की अनुमति दी जानी चाहिए। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने अंग प्रत्यारोपण करवा चुके एक वादी को राहत देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें याचिकाकर्ता को व्यक्तिश: अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि जब हाईकोर्ट उच्च न्यायालय में वर्चुअल रूप से उपिस्थत होने की सुविधा है तो उसका उपयोग किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा हमें यह समझ में नहीं आ रहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति और हाईकोर्ट में वर्चुअल सुनवाई की सुविधा होने के बावजूद अदालत ने वर्चुअल हाजिरी की अनुमति उचित क्यों नहीं समझी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को वर्चुअल उपिस्थति की अनुमति दी।
बीमारी से पीडि़त किसी वादी की कोर्ट में हाजिरी जरूरी है तो उसे वर्चुअल रूप से हाजिर होने की अनुमति दी जानी चाहिए
Comments (0)