चंद्रयान 3 को श्रीहरिकोटा स्थित केंद्र से निर्धारित समय के अनुसार बीते दिन दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर लॉन्च किया गया। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण के बाद इसरो टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आइए हम सभी अपनी फिंगर्स क्रॉस कर लेते हैं और 43 दिनों का इंतजार करते हैं। नारायणन ने चंद्रयान-2 को लेकर कहा कि ये मिशन चंद्रमा पर उतरने में कामयाब रहा था। लेकिन कुछ सॉफ्टवेयर और यांत्रिक समस्याओं के कारण सॉफ्ट लैंडिंग करने में विफल रहा।
23 अगस्त को लैंडिंग होने की उम्मीद: Nambi Narayanan
पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने कहा कि अंतरिक्ष यान के लिए पृथ्वी से चंद्रमा तक की यात्रा में लगभग एक महीना लगने का अनुमान है। जिसकी लैंडिंग 23 अगस्त को होने की उम्मीद है। चंद्रमा पर एक दिन पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है। नंबी नारायण ने आगे कहा कि इसकी सफल सॉफ्ट लैंडिंग से भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा, जिससे देश में अंतरिक्ष विज्ञान के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। इस मामले में अन्य देश अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ हैं।अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को है सॉफ्ट लैंडिंग की उम्मीद
नंबी नारायण ने कहा कि अब अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने इसके हर पहलू पर चार साल तक काम किया है और उन्हें ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि किसी देश के आगे बढ़ने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित तकनीक आवश्यक है। नारायणन ने कहा कि इसरो अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियानों के लिए न्यूनतम राशि उपयोग करने के लिए जाना जाता है। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक ने कहा कि अन्य देशों के मुकाबले ऐसे अभियानों पर हमारा खर्च बहुत कम है। चूंकि भारत अब प्रौद्योगिकी विकास में निजी भागीदारी को आमंत्रित कर रहा है। जिससे इस क्षेत्र में और अधिक स्टार्टअप्स की गुंजाइश भी बढ़ेगी।Read More: तिरंगे के रंग में रंगा बुर्ज खलीफा, UAE पहुंचे पीएम मोदी, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
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