केरल में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और राज्य सरकार के बीच छत्तीस का आकड़ा बनता जा रहा है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और सत्तारूढ़ माकपा की छात्र इकाई के खिलाफ अपना रुख सख्त करते हुए सोमवार को उन्हें ‘धमकाने वाला’ करार दिया। उन्होंने साफ़ किया कि वो किसी भी हालत में डरने वाले नही हैं|
एक बुली और क्या कहेगा?
सीएम विजयन ने एक दिन पहले राज्यपाल पर आरोप लगाया था कि वह भड़काऊ बयान देकर राज्य की शांति को ‘भंग’ करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बारे में राज्यपाल ने मुख्यमंत्री का उल्लेख ‘धमकाने वाले’ के तौर पर किया। आरिख मोहम्मद खान ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आप उनके इतिहास से परिचित हैं? वह कितने हत्या के मामलों में शामिल हैं? एक बुली क्या कहेगा? मैं कैसे उकसा रहा हूं? अगर मैं माकपा के लोगों को (विश्वविद्यालय की )सीनेट में नामांकित करता हूं, तो सब कुछ ठीक है?
मुझे नुकसान पहुंचाना चाहते हो तो यही आइये
राज्यपाल ने कहा, ‘‘यदि वे मुझे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं तो उनका हार्दिक स्वागत है। मैं कह रहा हूं, यहां आइये, यदि आप मुझे नुकसान पहुंचाना चाहते हो तो यहां आइये। आप क्यों नहीं आते? वे केवल बुली हैं। वे छात्र नहीं हैं। सिर्फ SFI के एजेंट हैं| क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने महसूस किया कि वे विश्वविद्यालयों को नियंत्रित और संचालित करने में खुद को सक्षम नही पाते |
CM विजयन शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं
राजनीतिक कार्यकताओ के अड्डे बन रहे हैं उच्च शिक्षा के केंद्र | उन्होंने दावा किया कि छह पद पर नियुक्त लोग माकपा के कार्यकर्ता हैं। खान ने कहा, ‘‘वे शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे थे। अब वे ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी है कि उनकी कोई भूमिका नहीं है। इसी बात ने उन्हें परेशानी में दल दिया हैं |
केरल पुलिस देश की श्रेष्ठतम फोर्स
खान ने यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के मद्देनजर की जिसके मुताबिक विश्वविद्यालयों के कुलपति राजनीतिक कार्यपालिका से निर्देश नहीं ले सकते। विश्वविद्यालय के अतिथि गृह के बाहर मीडिया से बात करते हुए खान ने केरल पुलिस को देश में बेहतरीन और सर्वश्रेष्ठ बल करार दिया और कहा कि बल को दोष नहीं दिया जा सकता क्योंकि उसे अपने कर्तव्यों का पालन करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
Comments (0)