आज चैंबर आफ कामर्स इंडस्ट्रीज के एक समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रोहंगिया, बांग्लदेशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे को मानवीय संकट बताया है।
केंद्र सरकार को इस मामले में स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रोहिंग्या, बांग्लादेशी को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि, केंद्र सरकार को इस मामले में स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए। अगर केंद्र सरकार रोहिंग्या बांग्लादेशी शरणार्थियों को वापस भेज सकते हैं तो वापस भेज दें, लेकिन अगर यह संभव नहीं है तो हम उन्हें भूख और ठंड से मरने के लिए नहीं छोड़ सकते।
हम रोहिंग्या, बांग्लादेशी को न भूखे मरने दे सकते हैं
इसके साथ ही उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि, न हम रोहिंग्या शरणार्थियों को लाए हैं और न ही ने बसाया है, लेकिन यह भी इंसान है न की कोई जानवर। इंसानियत के नाते रोहिंग्या, बांग्लादेशी को न भूखे मरने दे सकते हैं और न ही ठंड से, क्योंकि इस समय जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में सर्दी का मौसम है। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि, भारत जैसे देश के लिए अपनी परंपराओं और जिम्मेदारियों के मुताबिक इन शरणार्थियों का ख्याल रखना जरूरी है।
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