पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और BJP नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह का एक बयान चर्चा में है। हालिया इंटरव्यू उन्होंने कहा था कि BJP में शामिल होने के करीब चार साल बाद भी उन्हें ऐसा लगता है कि उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ और पंजाब के मामलों में पार्टी ने उनसे अपेक्षित सलाह नहीं ली।
अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह करीब 60 साल से पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। उनके मुताबिक, इतने लंबे राजनीतिक अनुभव के बावजूद एक समय ऐसा आया जब पंजाब से जुड़े कुछ अहम फैसलों में उनसे बातचीत तक नहीं की गई।
बोले- अपनी भावनाएं बताना मेरा काम
नई दिल्ली में शुक्रवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अमरिंदर सिंह ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह नहीं कहा था कि वह BJP छोड़ने जा रहे हैं।उनके मुताबिक, पंजाब की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहने के कारण अगर किसी महत्वपूर्ण मामले में उनसे राय नहीं ली जाती है तो अपनी भावनाएं और विचार सामने रखना उनका अधिकार और जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि वह अकेले नहीं हैं, बल्कि पंजाब की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय उनके कई साथी भी हैं, जिन्होंने राज्य के राजनीतिक हालात को करीब से देखा है।
कांग्रेस में वापसी पर क्या बोले?
कांग्रेस में वापस जाने की अटकलों पर भी अमरिंदर सिंह ने सीधे तौर पर वापसी की घोषणा नहीं की। उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक सफर का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीति में पार्टियां बदलती रहती हैं।
पहले इंटरव्यू में कही थी 'कुछ हासिल नहीं हुआ' वाली बात
इस पूरे विवाद की शुरुआत उनके एक इंटरव्यू से हुई, जिसमें अमरिंदर सिंह ने कहा था कि BJP में चार साल रहने के बावजूद उन्हें वास्तव में कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा था कि पंजाब से जुड़े मामलों में पार्टी की ओर से उनसे सलाह नहीं ली गई।इसी बयान के बाद उनके BJP में भविष्य और कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हुईं।
2027 से पहले पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP, कांग्रेस और AAP समेत प्रमुख दलों की राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे समय में अमरिंदर सिंह जैसे वरिष्ठ नेता का पंजाब के मामलों में अपनी उपेक्षा किए जाने की बात कहना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बना है।