जम्मू- 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। यात्रा से पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यात्रा मार्ग और संवेदनशील इलाकों में 70 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का फैसला लिया है।
यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू स्थित अमरनाथ यात्री बेस कैंप और अन्य प्रमुख ठिकानों पर सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बल लगातार सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं।
अमरनाथ बेस स्टेशन पर NSG कमांडोज की विशेष ड्रिल
यात्रा से पहले जम्मू स्थित अमरनाथ यात्री निवास और बेस स्टेशन पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के कमांडोज ने विशेष सुरक्षा अभ्यास किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के जवान भी उनके साथ मौजूद रहे।
कमांडोज ने डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्रों की गहन तलाशी ली। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित सुरक्षा चुनौतियों का आकलन करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना था। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
400 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कड़ी निगरानी
कठुआ से श्रीनगर तक फैले लगभग 400 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षा बलों ने विशेष निगरानी में रखा है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं और जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के काफिलों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह मार्ग यात्रा के लिहाज से सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है।
भारत-पाक सीमा पर भी बढ़ाई गई चौकसी
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य एजेंसियां सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती सामने आ सकती है, इसलिए सीमा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ड्रोन निगरानी और आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
Navyug Tunnel को लेकर जारी हुए विशेष दिशा-निर्देश
यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने Navyug Tunnel को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, कश्मीर से जम्मू जाने वाले वाहनों को सुबह 11:30 बजे से पहले Navyug Tunnel पार करने की अनुमति नहीं होगी। वहीं जम्मू से कश्मीर जाने वाले वाहनों को दोपहर 3 बजे के बाद ही सुरंग पार करने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा पहलगाम और बालटाल मार्गों पर भी अलग-अलग स्थानों के लिए कट-ऑफ टाइम निर्धारित किए गए हैं ताकि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसमें हाईटेक निगरानी, अतिरिक्त जवानों की तैनाती और नियमित सुरक्षा अभ्यास शामिल हैं। यात्रा के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।