चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने अपने संबोधन के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उन आलोचनाओं का जवाब दिया, जिनमें उनकी पार्टी को केवल एक अभिनेता की पार्टी बताया जाता रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के विश्वास, संघर्ष और मेहनत के दम पर सत्ता तक पहुंची है और ऐसे आरोपों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
35 प्रतिशत वोट हासिल कर सत्ता तक पहुंची पार्टी
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी पार्टी को विधानसभा चुनाव में 35 प्रतिशत वोट मिले, जो महज दो वर्षों में हासिल की गई बड़ी राजनीतिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस सफर के दौरान पार्टी को कई चुनौतियों, साजिशों और राजनीतिक हमलों का सामना करना पड़ा, लेकिन जनता के समर्थन ने सभी बाधाओं को पार करने की ताकत दी।
‘हम किसी विचारधारा के विरोधी नहीं’
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान विजय ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी विचारधारा की विरोधी नहीं है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधारक पेरियार के कुछ विचारों से मतभेद हो सकता है, लेकिन उनके व्यापक सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों को उनकी पार्टी स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार B. R. Ambedkar के समान अवसर और सामाजिक न्याय के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। विजय ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा स्पष्ट किया है कि राजनीतिक विरोध और वैचारिक मतभेद अलग-अलग विषय हैं।
करूर भगदड़ का जिक्र करते हुए हुए भावुक
मुख्यमंत्री विजय ने करूर में चुनावी रैली से पहले हुई भगदड़ की घटना को याद करते हुए भावुक स्वर में कहा कि 41 लोगों की मौत का दर्द उन्हें जीवनभर परेशान करेगा। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना थी, लेकिन इसके लिए उनकी पार्टी को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीति इतनी संवेदनहीन हो सकती है कि किसी त्रासदी का इस्तेमाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के लिए किया जाए।
तमिलनाडु की राजनीतिक विरासत का किया उल्लेख
अपने भाषण में विजय ने तमिलनाडु की राजनीतिक विरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1967 में C. N. Annadurai ने आम जनता की सरकार का सपना साकार किया था और 1977 में M. G. Ramachandran ने उसे आगे बढ़ाया। अब 2026 में उनकी सरकार भी आम लोगों के हितों को केंद्र में रखकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना और तमिलनाडु को विकास, सामाजिक न्याय और समान अवसरों के नए दौर में आगे ले जाना है।