दिल्ली - दिल्ली में आयोजित 26वां अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में हो रहे बदलावों पर विस्तार से बात की। अमित शाह ने कहा कि भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली आज एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है।
थाने की भूमिका में बदलाव
उन्होंने बताया कि पहले के समय में थाना केवल कानून-व्यवस्था संभालने का माध्यम माना जाता था, लेकिन समय के साथ इसकी भूमिका काफी बदल गई है। गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद थानों की भूमिका केवल विवाद सुलझाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह अपराध नियंत्रण, जांच और अपराधियों को न्यायालय तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि पहले जहां मामले वर्षों तक अदालतों में लंबित रहते थे, वहीं अब प्रणाली को अधिक प्रभावी और तेज बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
न्याय प्रणाली को नागरिक अधिकारों से जोड़ने पर जोर
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अब समय आ गया है कि आपराधिक न्याय प्रणाली को इस तरह विकसित किया जाए कि हर नागरिक को संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का समय पर और प्रभावी ढंग से लाभ मिल सके। उन्होंने संकेत दिया कि आधुनिक तकनीक और डेटा आधारित जांच प्रणाली भविष्य में न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी, जिससे अपराध नियंत्रण और न्याय प्रक्रिया दोनों अधिक पारदर्शी और तेज हो सकेंगे।