नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या आधे से भी कम कर दी है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा से समझौता किए बिना भी संसाधनों की बचत की जा सकती है।
ईंधन बचत पर सरकार का फोकस
सरकारी सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री के काफिले में अनावश्यक गाड़ियों की संख्या कम की गई है। इससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी, लेकिन ईंधन की बचत जरूर होगी। सरकार अब वीआईपी मूवमेंट में भी संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर दे रही है।
पीएम की अपील के बाद लिया गया फैसला
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और कार-पूलिंग बढ़ाने का आग्रह किया था। हाल ही में गुजरात और असम दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने भी अपने काफिले को छोटा रखा था। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गाड़ियों की संख्या सीमित रखी गई थी।
काफिले में बढ़ेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जहां संभव हो, वहां उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इस्तेमाल किया जाए। सरकार ने साफ किया है कि इसके लिए नई गाड़ियां नहीं खरीदी जाएंगी, बल्कि मौजूदा संसाधनों का ही उपयोग होगा।
‘जिम्मेदारी से जीना भी देशभक्ति’
सिकंदराबाद में दिए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देशभक्ति केवल सीमा पर जान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी से जीवन जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना भी सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने की अपील की थी। साथ ही खाने के तेल और रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करने पर भी जोर दिया था।