तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट जीत लिया है। सरकार के पक्ष में 144 विधायकों ने मतदान किया, जिसके बाद विजय सरकार ने सदन में बहुमत साबित कर दिया।
शपथ के बाद बदला सियासी माहौल
चुनाव नतीजों के बाद TVK प्रमुख विजय को बहुमत जुटाने के लिए काफी राजनीतिक संघर्ष करना पड़ा था। हालांकि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले और Edappadi K. Palaniswami की पार्टी AIADMK के एक धड़े ने विजय सरकार को समर्थन दे दिया।
DMK ने फ्लोर टेस्ट से किया वॉकआउट
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान विपक्षी दल Udhayanidhi Stalin ने सरकार का विरोध करते हुए मतदान प्रक्रिया से दूरी बनाई। उन्होंने कहा कि DMK वोटिंग में हिस्सा नहीं लेगी और सदन से वॉकआउट करेगी।
उदयनिधि स्टालिन ने दावा किया कि तमिलनाडु की बड़ी आबादी ने विजय को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं किया है और यह सरकार लंबे समय तक नहीं टिकेगी। उन्होंने सेक्युलर सरकार की जरूरत पर भी जोर दिया।
AIADMK में समर्थन को लेकर मतभेद
AIADMK के भीतर विजय सरकार को समर्थन देने को लेकर मतभेद भी देखने को मिले। पार्टी के एक गुट ने TVK को समर्थन दिया, जबकि दूसरा धड़ा इसके विरोध में नजर आया। पार्टी के महासचिव Edappadi K. Palaniswami ने सदन में विजय सरकार का विरोध किया।
हालांकि फ्लोर टेस्ट से पहले AIADMK नेता C. V. Shanmugam ने कहा था कि DMK के साथ गठबंधन करने से पार्टी का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता था, इसलिए TVK को समर्थन देने का फैसला लिया गया।
पांच विधायक रहे अनुपस्थित
फ्लोर टेस्ट के दौरान पांच विधायक सदन से गैरमौजूद रहे। इसके बावजूद विजय सरकार ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया और अब सरकार को स्थिरता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।