दिल्ली . उत्तर भारत के कई राज्यों में एक बार फिर मौसम का मिजाज अचानक बदलने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और पहाड़ी क्षेत्रों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है, जिससे कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में राहत के बाद लौटेगी भीषण गर्मी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि यह राहत ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिकेगी। विभाग का अनुमान है कि 14 मई के बाद आसमान साफ होने लगेगा और तेज धूप के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। 17 मई तक दिल्ली में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को फिर से भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी का खतरा
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम विभाग ने तेज आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा और मथुरा जैसे जिलों में धूल भरी आंधी के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ गिरने, बिजली व्यवस्था बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।
पूर्वी और मध्य यूपी में भी बदलेगा मौसम
केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि लखनऊ, कानपुर, झांसी, ललितपुर और देवरिया समेत कई मध्य और पूर्वी जिलों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में बन रहे दबाव और नमी के कारण अगले दो दिनों तक अस्थिर मौसम बना रह सकता है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े रहना खतरनाक हो सकता है। तेज हवाओं और वज्रपात की वजह से बिजली आपूर्ति और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। कई जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम बदलाव से किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश और तेज हवाओं का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि तेज आंधी और ओलावृष्टि जैसी स्थिति बनने पर सब्जियों, फलदार पेड़ों और दलहन फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को खेतों में जल निकासी और फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी नई चेतावनी जारी की जा सकती है।