शिमला: कांग्रेस की वोट चोरी के आरोपों और दिल्ली में आयोजित रैली को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने शिमला में भाजपा की पदयात्रा के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की दिल्ली रैली को राजनीतिक ड्रामा बताते हुए राहुल गांधी से वोट चोरी के आरोपों के सबूत सार्वजनिक करने की मांग की। अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी पिछले एक साल से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं रख पाए हैं।
'सबूत नहीं, केवल फीलिंग की बात कर रहे राहुल गांधी'
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि उनके पास इसके सबूत हैं। इसके बावजूद एक साल बीत जाने के बाद भी उन्होंने मीडिया या जनता के सामने कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब राहुल गांधी से सबूत मांगे जाते हैं तो वह केवल अपनी 'फीलिंग' की बात करते हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि अगर राहुल गांधी को वोट चोरी की फीलिंग आ रही है, तो हिमाचल की जनता को भी यह फीलिंग है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करना है।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस के लोकतंत्र बचाने के अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है, जबकि उसके शासनकाल में देश में आपातकाल लगाया गया था।अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर रोक लगाई गई, विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया और प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि आपातकाल लोकतंत्र पर बड़ा प्रहार था, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता।
इंदिरा गांधी के चुनाव विवाद का भी उठाया मुद्दा
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़े चुनावी विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनावी अनियमितताओं पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर विचार करना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को अपने राजनीतिक हितों के अनुसार प्रभावित करने की कोशिश की।
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जाता था, लेकिन आज वही प्रक्रिया उसे लोकतंत्र के खिलाफ नजर आ रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अलग-अलग मौकों पर चुनावी परिस्थितियों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करती रही है।