नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने युवा खिलाड़ियों को मौका देने और टीम चयन को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उनका काम हर किसी को खुश करना नहीं, बल्कि टीम के हित में सही फैसले लेना है। लोकप्रिय फैसलों के बजाय सही फैसलों को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी है। गंभीर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिल पाए हैं।
वैभव को मौके नहीं मिलने पर गंभीर ने रखी अपनी बात
भारतीय टीम के पास इस समय मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है। वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाज को शीर्ष क्रम में जगह बनाने का अवसर नहीं मिल रहा है, क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 मुकाबले से पहले आधिकारिक प्रसारक से बातचीत में गंभीर ने कहा, "मेरा काम सबको खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, न कि लोकप्रिय फैसले। इसी के लिए मैं यहां हूं।" उन्होंने कहा कि टीम में लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों का समर्थन करना जरूरी है। इससे ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के बीच भरोसा और सुरक्षा की भावना बनी रहती है।
लगातार अच्छा खेलने वालों को मिलना चाहिए समर्थन
गंभीर के मुताबिक, टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन जो खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वे अधिक अवसर पाने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय फैसला लेना आसान हो सकता है, लेकिन कोच के तौर पर उनकी प्राथमिकता टीम के लिए सही निर्णय लेना है। उनके इस बयान को वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने के संदर्भ में देखा जा रहा है। फिलहाल शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।
सीरीज जीतने के बाद भी आत्मसंतुष्टि की जगह नहीं
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली थी। जब गंभीर से पूछा गया कि सीरीज का नतीजा पहले ही तय होने के बाद वह खिलाड़ियों को कैसे प्रेरित करेंगे, तो उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलते समय आत्मसंतुष्टि की कोई जगह नहीं होती। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने का मौका कुछ ही खिलाड़ियों को मिलता है। इसलिए हर मैच को कुछ नया सीखने, बेहतर प्रदर्शन करने और खुद को सुधारने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश
गौतम गंभीर ने न्यूजीलैंड दौरे से पहले टीम को मिले कम अभ्यास समय का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम ने 17 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी मुकाबला खेला और अगले ही दिन न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गई। टीम को यहां अभ्यास के लिए केवल एक सत्र मिल पाया।
इसके बावजूद खिलाड़ियों ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला और अच्छा प्रदर्शन किया। गंभीर ने इस अनुकूलन क्षमता की तारीफ की। उनके मुताबिक, लगातार व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच खिलाड़ियों ने जिस तरह अपनी तैयारी और प्रदर्शन को संभाला, वह सराहनीय है।
5वां टी20 मुकाबला अभी खेला नहीं गया है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह मैच 1 नवंबर को हैमिल्टन में भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होना निर्धारित है। इसलिए इसका नतीजा और खिलाड़ियों का प्रदर्शन अभी जोड़ना सही नहीं होगा।
हालांकि, आपकी खबर में भारत के पहले चार मैचों का प्रदर्शन जोड़ा जा सकता है। एक जरूरी सुधार भी है: भारत ने शुरुआती तीन मैच जीते थे, लेकिन चौथे टी20 में न्यूजीलैंड ने 87 रन से जीत दर्ज की। इस तरह भारत सीरीज में 3-1 से आगे है।
पहले चार मैचों का प्रदर्शन:
- पहला टी20: भारत 4 विकेट से जीता।
- दूसरा टी20: भारत 4 विकेट से जीता।
- तीसरा टी20: भारत 6 विकेट से जीता। अभिषेक शर्मा ने 38 गेंदों में 113 रन बनाए।
- चौथा टी20: न्यूजीलैंड 87 रन से जीता। ग्लेन फिलिप्स ने 49 गेंदों में 107 रन बनाए।
पांचवें मैच का परिणाम आने के बाद गौतम गंभीर के बयान वाली पूरी खबर में उसका स्कोर, प्रमुख प्रदर्शन और सीरीज का अंतिम नतीजा जोड़कर अपडेट किया जा सकता है।