गोरखपुर - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा के पूर्ववर्ती शासनकाल को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में चार बार सरकार बनाई और उसके चारों कार्यकाल के दौरान राज्य में 1,500 दंगे हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में कानून-व्यवस्था प्रभावित रही और प्रदेश को 'एक जिला, एक माफिया' की पहचान मिली।
सपा सरकारों पर दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान प्रदेश में अपराध और अराजकता का माहौल बना रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन चार कार्यकालों में करीब 10 लाख अपराधियों को संरक्षण दिया गया। योगी के मुताबिक, इन लोगों ने आम नागरिकों को परेशान किया, गरीबों की जमीनों पर कब्जे किए और लोगों के बीच डर का माहौल पैदा किया।
मुख्यमंत्री ने सपा शासन की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने लंबे समय तक इस स्थिति का सामना किया है। उन्होंने 'एक जिला, एक माफिया' का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में अपराधियों का प्रभाव कई क्षेत्रों में बढ़ गया था।
भ्रष्टाचार करने वालों पर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को अब परेशानी हो रही है, इसलिए वे सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा विरोध को केवल प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह उन गरीबों के हितों के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश है, जिनके जीवन में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।
गरीबों के कल्याण को लेकर केंद्र सरकार का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया है। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीबों को सुविधाएं और विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।
गोरखपुर में दिए गए इस बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल, कानून-व्यवस्था और विपक्ष के मौजूदा राजनीतिक विरोध को लेकर अपनी बात रखी। उनके द्वारा दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने से जुड़े आंकड़े राजनीतिक संबोधन में लगाए गए आरोप हैं। इन दावों पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसका पक्ष भी खबर में शामिल किया जा सकता है।