जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर को लेकर थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने यह साफ कर दिया है कि भारत किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सेना प्रमुख के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को मजबूती दी, बल्कि रणनीतिक स्तर पर स्पष्ट संदेश भी दिया कि भारत दबाव या धमकियों में आने वाला नहीं है।
पाकिस्तान की परमाणु धमकी पर करारा जवाब
सेना प्रमुख ने पाकिस्तान की ओर से दी जाने वाली परमाणु हमले की धमकियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने ऐसी धमकियों की हवा निकाल दी है। पहलगाम हमले के बाद सर्वोच्च स्तर पर यह स्पष्ट निर्णय लिया गया कि आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत सेना ने बिना किसी भ्रम और दबाव के सटीक रणनीति के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया।
22 मिनट में नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक
जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सेना ने बीते वर्ष 6 और 7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। करीब 22 मिनट तक चली इस कार्रवाई में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अत्यंत सटीकता के साथ किया गया, जिसमें आतंकियों के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया और उनकी क्षमताओं को कमजोर कर दिया गया।
88 घंटे का सुनियोजित सैन्य अभियान
सेना प्रमुख के अनुसार, आतंकवाद के खिलाफ 7 से 10 मई के बीच कुल 88 घंटों तक ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया। इस सुनियोजित अभियान के दौरान नौ में से सात आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा थी।
उत्तरी सीमा पर हालात और नागरिकों का भरोसा
देश की उत्तरी सीमा की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि फिलहाल हालात स्थिर हैं, लेकिन सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना और आम नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाने के प्रयासों से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। स्थानीय आबादी का सहयोग सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना रहा है।
चीनी सीमा पर भी कड़ी निगरानी
सेना प्रमुख ने चीन के साथ लगती सीमा पर भारत की तैयारी को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वहां भारतीय सेना की तैनाती संतुलित, मजबूत और पूरी तरह सतर्क है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और रणनीति पहले से मौजूद हैं, जिससे सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आतंकवाद के खिलाफ भारत का अडिग रुख
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सेना प्रमुख का बयान यह स्पष्ट करता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा। यह ऑपरेशन न केवल सैन्य सफलता रहा, बल्कि राजनीतिक, रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी एक मजबूत संदेश देने में सफल रहा कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह अडिग है।
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