नई दिल्ली- भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के लिए नई रेल सेवाओं का ऐलान किया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को भुवनेश्वर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई नई ट्रेन सेवाओं और मौजूदा ट्रेनों के विस्तार का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रेलवे देशभर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है।
रेल मंत्री ओडिशा दौरे पर हैं, जहां उन्होंने पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे की ओर से 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि देशभर से आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
तीन राज्यों को मिली नई रेल सेवाएं
रेल मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं।
नांदेड़-मुंबई एक्सप्रेस अब वाशिम और हिंगोली होते हुए चलेगी, जिससे मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस नई सेवा से इन क्षेत्रों की मुंबई से रेल कनेक्टिविटी पहले से अधिक मजबूत होगी।
वहीं टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस की शुरुआत उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में रहने वाले यात्रियों, विशेष रूप से सिख समुदाय की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है। इस ट्रेन से धार्मिक और सामाजिक यात्राएं अधिक आसान होंगी।
इसके अलावा टनकपुर-पीलीभीत रेल सेवा का विस्तार करते हुए इसे अब शाहजहांपुर तक बढ़ा दिया गया है। इससे उत्तर प्रदेश के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी और कई जिलों के बीच आवागमन आसान होगा।
रेल मंत्री ने यह भी घोषणा की कि टनकपुर-आगरा स्पेशल ट्रेन, जो अब तक विशेष सेवा के रूप में संचालित हो रही थी, उसे अब नियमित ट्रेन सेवा का दर्जा दिया गया है। इससे इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी।
खटीमा और बनबसा में स्टॉपेज पर विचार
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने खटीमा और बनबसा रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव की मांग भी उठाई। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और यदि तकनीकी एवं परिचालन की दृष्टि से संभव हुआ तो इन स्टेशनों पर भी ट्रेन का ठहराव दिया जाएगा।
12 वर्षों में रेलवे का बड़ा विस्तार
रेल मंत्री ने पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेलवे की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान देशभर में लगभग 37 हजार किलोमीटर नए रेल ट्रैक बिछाए गए हैं। साथ ही रेलवे नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे परिचालन अधिक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे को आधुनिक बनाने, नई तकनीक अपनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार निवेश कर रही है।
रथ यात्रा और ओणम के लिए विशेष तैयारी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पुरी की रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। वहीं केरल में ओणम पर्व के अवसर पर यात्रियों की सुविधा के लिए 100 विशेष ट्रेनें भी संचालित की जाएंगी। रेलवे ने दावा किया कि इन विशेष ट्रेनों के जरिए त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ओडिशा में 90 हजार करोड़ से अधिक के रेल प्रोजेक्ट
रेल मंत्री ने कहा कि ओडिशा में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। राज्य में इस समय 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य की रेल कनेक्टिविटी, माल परिवहन और यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का उद्देश्य देश के हर क्षेत्र को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ना और यात्रियों को सुरक्षित, तेज तथा सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।