मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच वर्षीय कार्यकाल मंगलवार को पूरा हो गया। इसके साथ ही प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में उनके कार्यकाल के विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अब तक राष्ट्रपति भवन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक पद पर बने रहेंगे
संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, राज्यपाल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी वे तब तक अपने पद पर बने रहते हैं, जब तक नए राज्यपाल की नियुक्ति नहीं हो जाती या उनके कार्यकाल के विस्तार का आदेश जारी नहीं किया जाता। ऐसे में मंगुभाई पटेल फिलहाल राज्यपाल के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे।
8 जुलाई 2021 को संभाली थी जिम्मेदारी
मंगुभाई पटेल ने 8 जुलाई 2021 को मध्य प्रदेश के 19वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संवैधानिक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक और जनकल्याण से जुड़े कई विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें
हाल ही में 29 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से शिष्टाचार मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके संभावित सेवा विस्तार या नई जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।
सिकल सेल एनीमिया अभियान को मिली पहचान
मंगुभाई पटेल के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ चलाया गया जागरूकता अभियान शामिल है। उन्होंने आदिवासी समाज के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी। इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली और हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस दिशा में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की।
अब केंद्र के फैसले का इंतजार
अब सभी की नजर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति भवन के फैसले पर टिकी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि मंगुभाई पटेल को मध्य प्रदेश में सेवा विस्तार मिलता है, उन्हें किसी अन्य राज्य का दायित्व सौंपा जाता है या फिर प्रदेश को नया राज्यपाल मिलता है। तब तक वे संवैधानिक प्रावधानों के तहत अपने पद पर बने रहेंगे।