औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार की मध्यरात्रि के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। बारुण थाना क्षेत्र के सीरीस के पास पश्चिम बंगाल से आगरा जा रही पर्यटकों से भरी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में बस सवार 13 लोग घायल हुए हैं। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी की मौत नहीं हुई। सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

आधी रात के बाद सीरीस के पास पलटी बस
बारुण थाना क्षेत्र के सीरीस के पास बुधवार देर रात पर्यटकों से भरी बस अचानक अनियंत्रित हो गई। बताया जा रहा है कि बस पश्चिम बंगाल से उत्तर प्रदेश के आगरा जा रही थी। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर चालक का बस से नियंत्रण हट गया। अनियंत्रित बस सड़क किनारे लगी लोहे की बैरिकेडिंग से जा टकराई। टक्कर के बाद बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवा को सूचना दी।
कोलकाता से ताजमहल देखने निकले थे पर्यटक
बस में सवार सभी पर्यटक पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सोनामुखी थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। सभी लोग कोलकाता से पर्यटक बस के जरिए आगरा के लिए निकले थे। उनका उद्देश्य आगरा पहुंचकर ऐतिहासिक ताजमहल समेत अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करना था। यात्रा के दौरान बस औरंगाबाद जिले के बारुण इलाके में पहुंची थी। इसी दौरान अचानक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को जल्द मदद मिल सकी।
चालक को नींद की झपकी आने से बिगड़ा नियंत्रण
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को नींद की तेज झपकी आना बताई जा रही है। बताया गया कि वाहन चलाते समय चालक को अचानक नींद आने लगी। इसके कारण उसका बस पर नियंत्रण नहीं रहा। नियंत्रण खोने के बाद बस सड़क किनारे लगी लोहे की बैरिकेडिंग से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय बस में बड़ी संख्या में पर्यटक सवार थे। हालांकि समय रहते राहत-बचाव शुरू हो जाने से किसी बड़े जनहानि की स्थिति नहीं बनी।
तेज आवाज सुनकर ग्रामीण और राहगीर पहुंचे
बस के बैरिकेडिंग से टकराने के बाद जोरदार आवाज हुई। आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और सड़क से गुजर रहे राहगीर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। मौके पर पहुंचने के बाद लोगों ने बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। साथ ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग की आपातकालीन सेवा को हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद राहत-बचाव दल सक्रिय हुआ। दुर्घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण घायलों को समय पर उपचार के लिए भेजा जा सका।
पुलिस और एनएचएआई की टीम ने शुरू किया राहत-बचाव
हादसे की सूचना मिलते ही बारुण थाना पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और राहत दल ने सबसे पहले बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। घायल यात्रियों को एंबुलेंस और पुलिस वाहनों की मदद से अस्पताल भेजा गया। सभी घायलों को औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। राहत-बचाव के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि बस में कोई अन्य यात्री फंसा न रह जाए। दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त बस को भी सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
हादसे में 13 लोग हुए घायल
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए हैं। घायलों में रीता सूतोधर, दिलीप बुंडू, हीरा बुंडू, शेफाली भुई, झाना बाबरी, नेमाई शिष्ट, रौतन मंडल, मालवती घोष, महाबली उरांव, चांद सूतोधर और मुराली कारक समेत बस खलासी शेख अशरफ शामिल हैं। घायलों की उम्र करीब 45 से 68 वर्ष के बीच बताई गई है। हादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल में चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति की जांच की। किसी भी घायल की हालत गंभीर नहीं बताई गई है।
सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर
बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आने की बात सामने आई है। इसी वजह से बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। थानाध्यक्ष के अनुसार हादसे में घायल सभी 13 लोगों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
परिजनों को दी गई हादसे की सूचना
पुलिस के अनुसार दुर्घटना की जानकारी घायलों के परिजनों को दे दी गई है। हादसे की खबर मिलने के बाद यात्रियों के परिवारों में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि सभी घायलों के खतरे से बाहर होने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। दूसरी ओर, दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाने का काम किया गया। बस हटाए जाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई। पुलिस ने घटना को लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बड़ा हादसा टला, यात्रियों की जान बची
औरंगाबाद में हुए इस सड़क हादसे में 13 यात्रियों के घायल होने के बावजूद किसी की मौत नहीं हुई। चालक को नींद की झपकी आने के कारण बस का नियंत्रण बिगड़ने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। तेज रफ्तार बस के बैरिकेडिंग से टकराकर पलटने के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की। पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम ने भी समय पर पहुंचकर राहत-बचाव अभियान चलाया। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।