फिरोजाबाद - बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली अकबरपुर को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। शुक्रवार को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने गांव का निरीक्षण कर चल रहे विकास कार्यों और प्रस्तावित कॉरिडोर की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
5 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन खरीदने की तैयारी
डीएम ने निर्माणाधीन परियोजनाओं के साथ डाक बंगला और बाबा नीब करौरी के आवास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जन्मस्थली के समग्र विकास के लिए पर्यटन विभाग की ओर से भव्य कॉरिडोर प्रस्तावित है। कॉरिडोर के लिए जन्मस्थली के आसपास पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। डीएम ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

कॉरिडोर में होंगी आधुनिक पर्यटन सुविधाएं
भूमि उपलब्ध होने के बाद अकबरपुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित परियोजना में भव्य प्रवेश द्वार, पर्यटन सुविधा केंद्र, आश्रम, ध्यान एवं वेलनेस सेंटर और बहुउद्देशीय सभा स्थल शामिल हैं। इसके अलावा पार्किंग, फूड कोर्ट, म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर, ओपन एयर थिएटर, प्रसाद मंडप और डाइनिंग हॉल जैसी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है।
‘नीब करौरी बाबा सर्किट’ में शामिल हुई जन्मस्थली
डीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 में संशोधन कर नीब करौरी बाबा सर्किट को शामिल किया गया है। इस सर्किट में लखनऊ, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद स्थित बाबा की जन्मस्थली अकबरपुर और मथुरा-वृंदावन को जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य इस सर्किट के जरिए धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
चरणबद्ध तरीके से चल रहा विकास कार्य
अकबरपुर में पर्यटन विभाग की ओर से पहले से ही चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। 2023-24 में स्वीकृत 865.98 लाख रुपये की फेज-1 परियोजना के तहत डोरमेट्री, रेस्तरां, सभा स्थल, डिजिटल लाइब्रेरी, सीसी रोड, सेप्टिक टैंक, सबमर्सिबल पंप और साइट डेवलपमेंट जैसे काम किए जा रहे हैं। वहीं 2025-26 की 222.47 लाख रुपये की फेज-2 परियोजना में टॉयलेट ब्लॉक, गार्ड रूम, सीसी रोड, नाली, ट्यूबवेल, बाहरी विद्युत कार्य और म्यूरल वर्क शामिल हैं।
ग्रामीण पर्यटन योजना से भी विकास
इसके अलावा 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन विकास योजना के तहत भी जन्मस्थली पर अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसमें प्रवेश द्वार, साइनेज, बेंच और डस्टबिन समेत अन्य सुविधाएं शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि प्रस्तावित कॉरिडोर और चल रही परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अकबरपुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बेहतर होंगी। साथ ही यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान के रूप में उभर सकता है।