उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के तमाम दावों के बीच एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। बीजेपी शासित योगी राज्य में अब स्कूली छात्राएं भी सुरक्षित नहीं हैं। ताज़ा मामला बरेली के भोजीपुरा इलाके का है, जहां एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ कैफे-रेस्टोरेंट में सात लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
स्कूल जाते समय अपहरण और हैवानियत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना इस महीने की शुरुआत में हुई। पीड़िता सुबह स्कूल के लिए निकली थी, तभी रास्ते में रेस्टोरेंट मालिक सईफी उर्फ समीर अहमद और उसके छह साथियों ने उसे जबरन पकड़ लिया और रेस्टोरेंट के एक कमरे में ले गए। वहां सातों दरिंदों ने नाबालिग छात्रा के साथ बारी-बारी से बलात्कार किया।
वीडियो बनाकर दी जान से मारने की धमकी
आरोपियों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। उन्होंने इस घिनौनी करतूत का वीडियो भी बना लिया। दरिंदों ने छात्रा को धमकी दी कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।
एकतरफा प्यार और सनक का नतीजा
शुरुआती जांच में पता चला है कि रेस्टोरेंट मालिक समीर अहमद पिछले काफी समय से छात्रा का पीछा कर रहा था और उस पर अश्लील टिप्पणियां करता था। उसने छात्रा को प्रेम प्रस्ताव भी दिया था, जिसे ठुकराने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
छात्रा ने घर लौटकर आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने मुख्य आरोपी समीर अहमद और असद हैदर सहित अन्य के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
योगी सरकार के 'मिशन शक्ति' की खुली पोल?
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले बलिया में पांच युवकों द्वारा एक किशोरी से गैंगरेप और बांदा जिले में एक दलित नाबालिग को होटल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की खबरें सामने आ चुकी हैं। दिनदहाड़े होने वाली इन वारदातों ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।