दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों को रविवार को पुलिस ने हिरासत में लिया है। ये पहलवान नए संसद भवन की ओर से कूच कर रहे थे। बताया जा रहा है कि पहलवानों ने जंतर-मंतर पर लगे बैरिकेडिंग को तोड़ दिया था। पूर्व में ही पहलवानों और खाप पंचायतों की ओर से महापंचायत का ऐलान किया गया था। इस ऐलान को देखते हुए दिल्ली पुलिस पहले से ही अलर्ट मोड में थी। दिल्ली से लगने वाली सभी सीमाओं को सील कर दिया गया था। साथ ही जंतर-मंतर पर भी भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी। नए संसद भवन की ओर कूच करने पर पुलिस ने बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और वीनेश फोगाट समेत कई पहलवान को हिरासत में ले लिया है।
लोकतंत्र की हत्या बताया
पहलवान बजरंग पूनिया ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे शांति पूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन कर रहे थे। यह उनका अधिकार है। उधर, महिला पहलवानों साक्षी और वीनेश ने भी आरोप लगाए हैं कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता और बदतमीजी की है। उनके साथ धक्का मुक्की की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलवान बजरंग पूनिया ने ऐलान किया था कि किसी भी हाल में महिला सम्मान महापंचायत होगी। पूनिया के इस ऐलान का किसान नेताओं और खाप पंचायतों ने भी समर्थन किया था। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सभी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।Read More: जानें 'सेंगोल' के 5 रोचक तथ्य, जिसे पीएम मोदी ने नए संसद भवन में किया स्थापित
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