मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच पैदा हुई खटास को कम करने की कोशिश जारी है। एक ओर जहां सपा नेता अखिलेश यादव अपने बयानों से हालात को सामान्य करने में जुटे हैं तो वहीं कांग्रेस ने एक ऐसा फैसला किया है जिससे दोनों दलों के बीच खटास कम हो सकती है।
एमपी चुनाव के दौरान सीटों पर सामांजस्य और समन्वय न बन पाने की वजह से कांग्रेस और सपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। इतना ही नहीं एमपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ और अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गई थी। यूपी कांग्रेस के नेताओं ने भी सपा और अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा था।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच पैदा हुई खटास को कम करने की कोशिश जारी है। एक ओर जहां सपा नेता अखिलेश यादव अपने बयानों से हालात को सामान्य करने में जुटे हैं तो वहीं कांग्रेस ने एक ऐसा फैसला किया है जिससे दोनों दलों के बीच खटास कम हो सकती है।
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