कोलकाता: पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में उत्तर बंगाल को बड़ा प्रतिनिधित्व मिला है। कालचीनी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक विशाल लामा को राज्य मंत्री बनाया गया है। उनके मंत्री बनने के साथ ही 55 वर्षों बाद किसी गोरखा नेता को बंगाल कैबिनेट में जगह मिली है, जिससे डुआर्स और दार्जिलिंग क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
कौन हैं विशाल लामा?
अलीपुरदुआर जिले की कालचीनी (एसटी) सीट से विधायक विशाल लामा उत्तर बंगाल की राजनीति का उभरता हुआ चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने 2021 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक पहचान बनाई थी। 2026 के चुनाव में उन्होंने दोबारा बड़ी जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की।
विशाल लामा की पहचान जमीनी स्तर पर सक्रिय नेता के रूप में रही है। चाय बागान मजदूरों, आदिवासी समुदाय और गोरखा समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर वे लगातार आवाज उठाते रहे हैं। उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय से स्नातक विशाल लामा राजनीति में आने से पहले निजी शिक्षक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
55 साल बाद मिला गोरखा समाज को प्रतिनिधित्व
बंगाल सरकार के मंत्रिमंडल में आखिरी बार 1971 में गोरखा समुदाय के वरिष्ठ नेता देव प्रकाश राय को जगह मिली थी। इसके बाद लंबे समय तक कोई गोरखा नेता राज्य सरकार का हिस्सा नहीं बन पाया। ऐसे में विशाल लामा का मंत्री बनना गोरखा समुदाय के लिए सम्मान और राजनीतिक भागीदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
डुआर्स और चाय बागान क्षेत्र की बढ़ीं उम्मीदें
विशाल लामा के मंत्री बनने के बाद डुआर्स और चाय बागान क्षेत्रों के लोगों को विकास की नई उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि भूमि अधिकार, मजदूर कल्याण, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों को सरकार में मजबूती से उठाया जाएगा।
विशाल लामा ने क्या कहा?
शपथ ग्रहण के बाद विशाल लामा ने कहा कि मंत्री पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और उत्तर बंगाल के विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।