बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा है। RJP प्रमुख लालू यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर वर्ल्ड इनइक्वेलिटी लैब की रिपोर्ट साझा की जिसमें विभिन्न जातियों की आर्थिक स्थिति के बारे में बताया गया था। लालू यादव ने कहा कि, रिपोर्ट देश के पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के लिए डरावने आंकड़े दर्शाती है। इससे देश में सामाजिक और आर्थिक असमानता की गहरी जड़ों का पता चलता है।
बीजेपी जातिगत जनगणना नहीं कराना चाहती
आपको बता दें कि, वर्ल्ड इनइक्वेलिटी लैब की रिपोर्ट में यह बताया गया था कि, भारत में उच्च जातियों के पास देश की कुल संपत्ति का 𝟖𝟖.𝟒% हिस्सा है। जबकि ओबीसी के पास केवल 𝟗.𝟎% और अनुसूचित जाति और जनजाति के पास मात्र 𝟐.𝟔% संपत्ति ही है। भारतीय जनता पार्टी पर हमला करते हुए बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने इस पोस्ट में लिखा है कि, देश में ओबीसी , एससी और एसटी की आबादी लगभग 𝟖𝟓% है। यही कारण है कि, बीजेपी जातिगत जनगणना नहीं कराना चाहती। आगे लिखा कि, जब तक ओबीसी, एससी, एसटी और उच्च जाति के गरीब लोग बीजेपी की भक्ति, धर्मांधता और नफरत बोने वाले दंगाइयों को अपना नेता मानेंगे, तब तक ये आंकड़े और भी बदतर होते जाएंगे।
𝟐𝟎𝟏𝟑 में OBC का देश की संपत्ति में 𝟏𝟕.𝟑% हिस्सा था
वित्तीय असमानता को लेकर RJP प्रमुख लालू यादव ने कहा कि, 𝟐𝟎𝟏𝟑 में OBC का देश की संपत्ति में 𝟏𝟕.𝟑% हिस्सा था, जो , 𝟐𝟎𝟐𝟐 में घटकर सिर्फ 𝟗% ही रह गया है और तो और कुल संपत्ति का लगभग 𝟖𝟗% हिस्सा सबसे कम आबादी वाले वर्गों के पास है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, आबादी में सबसे ज्यादा होने वाले 𝟖𝟓% ओबीसी , एससी और एसटी के पास बाक़ी बचा हिस्सा है। इससे पता चलता है कि, हमारे देश में सामाजिक-आर्थिक असमानता की जड़ें कितनी गहरी हैं। इसके साथ ही पूर्व सीएम यादव ने बताया कि, सरकार की गलत नीतियों के चलते छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय लगातार घटते जा रहे हैं। कृषि घाटे का सौदा होता जा रहा है जिसके कारण किसान बर्बाद होते जा रहे हैं।
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