आंध्र प्रदेश के बाद तेलंगाना की सरकार ने ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव के उम्मीदवारों के लिए 2 बच्चों का नियम ख़त्म करने का फैसला लिया है। इसके लिए तेलंगाना पंचायत राज अधिनियम 2018 में संशोधन किया जाएगा। संशोधन प्रस्ताव को विधेयक के रूप में आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा।
एक्ट में बदलाव करने का फैसला लिया
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को बताया कि लोगों ने ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के बीच असमानता की शिकायत करते हुए अदालत का रुख किया है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि 2 से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार शहरी निकाय चुनाव लड़ सकते हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों को इस अधिकार से क्यों वंचित किया जा रहा है? इसके बाद कोर्ट ने तेलंगाना सरकार से उचित फैसला लेने को कहा और सरकार ने एक्ट में बदलाव करने का फैसला लिया।
विश्व हिंदू परिषद फैसले से बेहद नाराज
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार ने 2 बच्चों का नियम खत्म किया तो विश्व हिंदू परिषद ने नाराजगी जताई। परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन कहते हैं कि जनसंख्या नियंत्रण लागू होना चाहिए, क्योंकि इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा जेहादी उठाएंगे। एक सभ्य समाज 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने की तरफ जाता अच्छा नहीं लगता, इसलिए हम यह जरूर देखेंगे कि कौन 2 से ज्यादा बच्चे पैदा कर रहा है? 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने से डेमोग्राफिक बैलैंस बिगड़ेगा। इससे देश के लिए खतरा पैदा होगा।
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