सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान महिलाओं के खिलाफ हिंसा के सभी मामलों की निगरानी करने का फैसला किया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 3 पूर्व जजों की एक कमेटी का गठन किया है, जिसमें तीनों सदस्य महिला होंगी। ये कमेटी राज्य का दौरा करेगी और वहां की स्थिति के बारे में शीर्ष अदालत को जानकारी उपलब्ध कराएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी दत्ता पडसालगिकर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कम से कम 12 मामलों में की जा रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच की निगरानी का जिम्मा सौंपा है। इनमें दो कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने के वायरल वीडियो का मामला भी है। 4 मई की भयावह घटना का वीडियो बीती 19 जुलाई को वायरल हुआ था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः इस मामले का संज्ञान लिया था और बाद में 28 जुलाई को केंद्र ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, अदालत द्वारा अनिवार्य स्क्रूटनी 'जांच में निष्पक्षता', 'विश्वास की भावना' और 'कानून के शासन' शुरुआत करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान महिलाओं के खिलाफ हिंसा के सभी मामलों की निगरानी करने का फैसला किया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 3 पूर्व जजों की एक कमेटी का गठन किया है, जिसमें तीनों सदस्य महिला होंगी। ये कमेटी राज्य का दौरा करेगी और वहां की स्थिति के बारे में शीर्ष अदालत को जानकारी उपलब्ध कराएगी।
Comments (0)