देहरादून। सनातन धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में शामिल चारधाम यात्रा का आगाज हो चुका है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार (19 अप्रैल) को गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
मुखबा से गंगोत्री के लिए रवाना हुई मां गंगा की डोली
मां गंगा की उत्सव डोली शनिवार को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। डोली प्रस्थान से पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
भक्ति में डूबा माहौल, गूंजे जयकारे
डोली यात्रा के दौरान “जय मां गंगे” और “हर-हर गंगे” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। ढोल-दमाऊ, रणसिंघा और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ श्रद्धालुओं ने मां गंगा को भावभीनी विदाई दी। यात्रा में साधु-संत, तीर्थ पुरोहित, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।
मंदिरों में सजावट और तैयारियां पूरी
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। कपाट खुलने से पहले मंदिर समिति और प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम
प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही आपदा प्रबंधन को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शीतकाल में मुखबा में होती है पूजा
सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री धाम के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और मां गंगा की डोली को मुखबा गांव में स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। अब गर्मियों की शुरुआत के साथ ही मां गंगा अपने धाम लौट रही हैं।