नई दिल्ली- दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपियों की पहचान की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ पासपोर्ट रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
वीडियो और CCTV फुटेज से हो रही पहचान
सूत्रों के अनुसार, पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पासपोर्ट रद्द कराने की तैयारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने, हिंसा फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, ऐसे आरोपियों के पासपोर्ट रद्द कराने के लिए संबंधित एजेंसियों को भी प्रस्ताव भेजा जा सकता है, ताकि उनके यात्रा दस्तावेजों पर भी कार्रवाई हो सके।
18 अक्टूबर तक बढ़ीं रासुका के तहत पुलिस की शक्तियां
इस बीच दिल्ली के उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA/रासुका) के तहत निवारक हिरासत में लेने की दिल्ली पुलिस की शक्तियों को 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली पुलिस आयुक्त को धारा 3(2) के तहत एहतियातन हिरासत में लेने का अधिकार दिया गया है।
पुलिस ने बताया- नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रासुका के तहत शक्तियों का विस्तार नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, इसका आदेश 7 जुलाई को ही जारी कर दिया गया था, जो CJP के प्रदर्शन शुरू होने से पहले का है। पुलिस ने कहा कि इसे मौजूदा आंदोलन से जोड़कर देखना सही नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। हाल ही में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है।