राजधानी दिल्ली में सड़क हादसों के पीड़ितों की तुरंत मदद को बढ़ावा देने के लिए सरकार ‘राह-वीर’ योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि जो भी नागरिक किसी गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचाएगा, उसे 25 हजार रुपये की नकद राशि और सम्मान पत्र दिया जाएगा।
गोल्डन ऑवर में इलाज पर फोकस
सरकार का मानना है कि हादसे के बाद का पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान घायल को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। योजना का मकसद लोगों को कानूनी कार्रवाई या पुलिस प्रक्रिया के डर से मुक्त कर मदद के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना है।
कानूनी सुरक्षा का प्रावधान
यह पहल मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत बनाए गए गुड सेमेरिटन नियमों के अनुरूप है। इन नियमों के तहत मदद करने वाले व्यक्ति को कानूनी संरक्षण दिया जाता है, ताकि वह बिना किसी भय के घायल को अस्पताल पहुंचा सके।
पुरस्कार और चयन प्रक्रिया
योजना के तहत गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपये मिलेंगे। एक ही हादसे में कई लोगों की मदद करने पर भी अधिकतम 25 हजार रुपये ही दिए जाएंगे।
साल भर में चुने गए 10 सर्वश्रेष्ठ ‘राह-वीरों’ को राष्ट्रीय स्तर पर 1-1 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
जिला स्तर पर निगरानी
योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिला स्तर पर एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। चयन प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी और पुरस्कार राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह योजना राजधानी में त्वरित सहायता की संस्कृति को बढ़ावा देगी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी।
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