दिल्ली में 12 सितंबर से मौसम सुहाना होने के साथ बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 12 सितंबर को दिल्ली में सामान्य रूप से बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके बाद 13 से 16 सितंबर तक हल्की बारिश के साथ बादल बने रह सकते हैं।
दिल्ली के सफदरजंग क्षेत्र में 12 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहने का अनुमान है। 13 से 16 सितंबर के बीच अधिकतम तापमान करीब 31-32 डिग्री के आसपास रह सकता है। यानी बारिश के साथ राजधानी में तापमान में भी राहत मिलने की संभावना है।
ब्रिक्स सम्मेलन के बीच बदला दिल्ली का मौसम
राजधानी में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इसी दौरान दिल्ली में बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि दिल्ली-एनसीआर के लिए 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश की अलग चेतावनी जारी नहीं की गई है। IMD के अनुसार 14 और 15 सितंबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए भारी बारिश की चेतावनी है।
इसका मतलब है कि सम्मेलन के शुरुआती 2 दिनों में बारिश के कारण बड़े व्यवधान की चेतावनी फिलहाल नहीं है, लेकिन बाद के 2 दिनों में वर्षा की गतिविधि बढ़ सकती है। यात्रियों और आयोजन से जुड़े लोगों के लिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी रहेगा।
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। IMD ने 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। 14 सितंबर को भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि 15 सितंबर से कोई विशेष चेतावनी नहीं है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अचानक जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के लिए 12 से 16 सितंबर तक IMD की उपखंडीय चेतावनी में कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं है। हालांकि 11 सितंबर को दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली की गतिविधियों को लेकर चेतावनी थी। इसका अर्थ है कि यूपी में बारिश की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता, लेकिन पूरे राज्य में भारी बारिश का अलर्ट फिलहाल नहीं है।
राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 12 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। इसके बाद 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी दर्ज की गई है। पश्चिमी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पर भी नजर
मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रह सकता है। उपलब्ध IMD पूर्वानुमान में 10 सितंबर की स्थिति के आधार पर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली का असर आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
मध्य प्रदेश में भी स्थानीय स्तर पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में किसानों के लिए खेतों में पानी की निकासी, कटी फसल की सुरक्षा और तेज गरज-चमक के दौरान खुले स्थान से बचने जैसी सावधानियां महत्वपूर्ण रहेंगी।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी सावधानी
हिमाचल प्रदेश के लिए 12 से 16 सितंबर तक उपखंड स्तर पर कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में 12 से 14 सितंबर तक गरज-चमक और बिजली के साथ तेज हवाओं की संभावना बताई गई है।
इसलिए पहाड़ी इलाकों में मौसम को एक समान मानना ठीक नहीं होगा। किसी जिले में बारिश तेज हो सकती है, जबकि दूसरे स्थान पर केवल बादल या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। यात्रियों के लिए स्थानीय पूर्वानुमान देखना सबसे जरूरी रहेगा।
बंगाल की खाड़ी की हलचल से बढ़ी बारिश की गतिविधि
मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी और आसपास की सक्रिय मौसम प्रणालियां अहम भूमिका निभा रही हैं। IMD ने उत्तर बंगाल की खाड़ी और आसपास निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना के बीच ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी पहले जारी की थी।
ऐसी प्रणालियां मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधि को बढ़ा सकती हैं। यही वजह है कि ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि किसी भी राज्य में बारिश की तीव्रता और अवधि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।
18 राज्यों में अलर्ट के दावे को ऐसे समझें
मौसम से जुड़ी खबरों में कई बार पूरे-पूरे राज्यों को एक साथ भारी बारिश के अलर्ट में शामिल कर दिया जाता है, जबकि IMD की आधिकारिक चेतावनियां अक्सर उपखंड, जिले और शहर के स्तर पर अलग-अलग होती हैं। ताजा IMD आंकड़ों में भी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए अलग-अलग दिनों और अलग-अलग तीव्रता की चेतावनियां हैं।
इसलिए 18 राज्यों में एक जैसी भारी बारिश होने की बात कहना सही नहीं होगा। कहीं हल्की बारिश, कहीं गरज-चमक और कहीं भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। अगले कुछ दिनों में मौसम विभाग के नए बुलेटिन के साथ तस्वीर और स्पष्ट होगी।