देश में समय से पूर्व मानसून के आगमन के बावजूद उत्तर भारत को अब भी बारिश का इंतजार करना पड़ रहा है। चिंता की बात यह है कि देश में अब तक सामान्य से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
दरअसल, सामान्य तौर पर मानसून दक्षिणी तट पर 1 जून के आसपास दस्तक दे देता है, जिसके बाद धीरे-धीरे देशभर में फैल जाता है। इस दौरान किसान चावल, कपास, सोयाबीन और गन्ना जैसी फसलें उगाते हैं, लेकिन कम बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खड़ी कर दी है।
बता दें कि इन दिनों दक्षिणी राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिल रही है। वहीं, इन क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो देशभर में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मध्य भारत में सोयाबीन, कपास, गन्ना और दालों का उत्पादन किया जाता है। इन क्षेत्रों में 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं ऐसे दक्षिणी क्षेत्र, जहां धान की खेती की जाती है, वहां सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है।
देश में समय से पूर्व मानसून के आगमन के बावजूद उत्तर भारत को अब भी बारिश का इंतजार करना पड़ रहा है। चिंता की बात यह है कि देश में अब तक सामान्य से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
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