कोलकाता: रेल पटरियों पर सोशल मीडिया रील्स बनाने, जानलेवा स्टंटबाजी करने और अनाधिकृत रूप से रेलवे लाइन पार करने वालों के खिलाफ पूर्व रेलवे (Eastern Railway) ने बड़ा अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की है। 1 मई से 31 जुलाई 2026 तक के तीन महीनों के दौरान पूर्व रेलवे के चार प्रमुख मंडलों—आसनसोल, हावड़ा, मालदा टाउन और सियालदह में कुल 828 अभियोजन (प्रोसीक्यूशन) मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 813 घटनाओं को चिह्नित करते हुए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 853 लोगों को गिरफ्तार किया है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फुट ओवर ब्रिज, रोड ओवर ब्रिज और अंडरपास की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद कई यात्री जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते हैं। इसके अलावा पटरियों पर प्री-वेडिंग शूट, चलती ट्रेन के सामने दौड़ने और ट्रेन के आगे रील्स बनाने जैसी खतरनाक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
"रेल पटरी सोशल मीडिया रील्स का मंच नहीं": जीएम गीतिका पांडे
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक (GM) गीतिका पांडे ने कहा कि रेलवे लाइन कोई सोशल मीडिया रील्स बनाने या फोटो खिंचवाने का मंच नहीं है। पटरियों पर एक छोटी सी लापरवाही या गलत फैसला किसी की भी अनमोल जिंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है। यात्रियों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पटरियों पर लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं।
आरपीएफ (RPF) का सख्त निर्देश और कानूनी कार्रवाई
पूर्व रेलवे के आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिय नंदन सिन्हा ने सभी मंडलों के अधिकारियों को सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटरियों पर अनाधिकृत प्रवेश और खतरनाक स्टंटबाजी को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहा है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।