नई दिल्ली- भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कई कंपनियों को नियमों के कथित उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक का आरोप है कि कुछ कंपनियां रम, व्हिस्की, ब्रांडी, जिन, वाइन और बीयर जैसे उत्पादों में बिना अनुमति अतिरिक्त फ्लेवर का इस्तेमाल कर रही हैं और उत्पादों की उम्र (Age Statement) को लेकर भ्रामक दावे कर रही हैं। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक (अल्कोहलिक बेवरेज) विनियम, 2018 के तहत की गई है।
क्या है FSSAI की आपत्ति?
एफएसएसएआई के मुताबिक कुछ निर्माता शराब में ऐसे फ्लेवर मिला रहे हैं, जो प्राकृतिक स्वाद जैसा प्रभाव देते हैं, जबकि नियम इसकी अनुमति नहीं देते। इसके अलावा कई उत्पादों पर "Aged" या उम्र से जुड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि बताई गई उम्र ब्लेंड में शामिल सबसे कम उम्र की स्पिरिट की है या नहीं।
नियामक का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता और उम्र को लेकर भ्रम हो सकता है।
कंपनियों से मांगा जवाब
एफएसएसएआई ने संबंधित कंपनियों से पूछा है कि उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। हालांकि प्राधिकरण ने यह नहीं बताया कि कुल कितनी कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं।
14 जुलाई को होगी अहम बैठक
इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 14 जुलाई को उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में नियमों के पालन, लेबलिंग और फ्लेवर से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
उद्योग संगठन ने क्या कहा?
कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (CIABC) ने कहा है कि उसके सदस्य FSSAI के सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करते हैं। संगठन ने बताया कि वह नियामक के साथ होने वाली बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा करेगा और आवश्यक स्पष्टीकरण देगा।
उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर?
इस कार्रवाई का उद्देश्य शराब की बिक्री पर रोक लगाना नहीं, बल्कि लेबलिंग में पारदर्शिता और उत्पाद संबंधी सही जानकारी सुनिश्चित करना है। यदि कंपनियां नियमों का पालन करती हैं तो उपभोक्ताओं को भविष्य में उत्पाद की उम्र, फ्लेवर और गुणवत्ता से जुड़ी अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
FSSAI क्यों बढ़ा रही है सख्ती?
हाल के समय में FSSAI सभी खाद्य एवं पेय उत्पादों की सही लेबलिंग, भ्रामक विज्ञापनों और गलत दावों पर लगातार निगरानी बढ़ा रहा है। नियामक का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।