नई दिल्ली- सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत में 9,209 रुपए की कमी आई है, जिसके बाद यह 2.31 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं 24 कैरेट सोना भी 3,152 रुपए टूटकर 10 ग्राम के लिए 1.45 लाख रुपए पर आ गया। लगातार गिरते दामों ने निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि जून महीने के सिर्फ 19 दिनों में सोना करीब 11 हजार रुपए और चांदी लगभग 32 हजार रुपए सस्ती हो चुकी है।
19 दिनों में सोना 11 हजार और चांदी 32 हजार रुपए सस्ती
जून महीने में कीमती धातुओं के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 19 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत में करीब 11 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दाम 32 हजार रुपए प्रति किलो तक नीचे आ गए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बदलते आर्थिक हालात और निवेशकों की रणनीति में बदलाव के कारण यह गिरावट देखने को मिल रही है। इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है जो शादी या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं।
अमेरिका-ईरान समझौते से कम हुई सुरक्षित निवेश की मांग
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत मिले हैं। इससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी से घटा है। आमतौर पर वैश्विक संकट के समय निवेशक सोने-चांदी में पैसा लगाते हैं, लेकिन तनाव कम होने पर वे अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसी वजह से कीमती धातुओं की मांग में कमी और कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।
फेडरल रिजर्व और मजबूत डॉलर ने बढ़ाया दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत भी सोने-चांदी की कीमतों पर असर डाल रहे हैं। बाजार को उम्मीद है कि ब्याज दरों में कटौती की बजाय सख्ती बरकरार रह सकती है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार पर पड़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है, क्योंकि ये धातुएं डॉलर में ही कारोबार करती हैं।
रिकॉर्ड हाई के बाद मुनाफावसूली भी बनी वजह
विश्लेषकों का कहना है कि हाल के महीनों में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। कीमतों में आई इस तेजी के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके कारण बाजार में बिकवाली बढ़ी और दाम तेजी से नीचे आए। गोल्ड और सिल्वर ETF में भी भारी बिकवाली दर्ज की गई है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
ऑल टाइम हाई से सोना 31 हजार और चांदी 1.55 लाख रुपए नीचे
इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। 29 जनवरी 2026 को सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था, जबकि चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर थी। मौजूदा कीमतों की तुलना करें तो सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 31 हजार रुपए और चांदी 1.55 लाख रुपए तक नीचे आ चुकी है। यह गिरावट सर्राफा बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। इसके अलावा खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से उस दिन का बाजार भाव जरूर जांच लेना चाहिए। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए शुद्धता और कीमत दोनों की पुष्टि करना जरूरी है।